किरायेदार।

किरायेदार। (The Tenants) बहुत कुछ है मुंबई में देखने के लिए। कहाँ कहाँ नज़र डाले? पर सबसे रोचक है इनमें किराए पर रहने वाले। हर अंतराल पर मिलेंगे,ये सपनें देखने वाले। कोई अपने छोटे से मकान में,तो कोई बड़े से टावर में। अपने जीवन को समायोजित करना,कोई इनसे सीखे। इन जैसे हालात से लड़ने वाले,मुझे … Read more

दिवाली 2025

दिवाली 2025 (Diwali 2025) कल परसो बाजार में भीड़ देख बड़ी हैरत हुई।आस पास पूछा तो पता चला, दिवाली के दिनों की तो शुरुआत भी हो गयी। मेरा अचंभित मन कह उठा, ये कैसे मुमकिन हो सकता है? कल ही तो बारिश की बूंदें कपडे गीले कर गयी थी, सावन तो अब भी ज़ारी है। ए … Read more

दिल ढूंढता है ।

दिल ढूंढता है । (The Heart Searches) दिल ढूंढ़ता है फिर वही, बचपन के दिन ! काश उन्हें लौटा दे मुझे, कोई अल्लादिन का जिन । जब सिर्फ भूख लगती थी, बेशुमार और बोहोत सारी !याद नहीं आता था किसी तरह का परहेज़ । ना रहती थी खुद को फिट रखने की ज़िम्मेदारी । खाओ-पीओ, खेलो, … Read more

जीना अभी बाकी है।

जीना अभी बाकी है। (There is still life left to live) आज जब पैर थक गए, गहरी सांस लेकर सोफ़े पर बैठ गई। खाना बना दिया, कपड़े धो दिए, और कुछ बाकी तो नहीं? सब काम कर लिए, रोज़ तो करते ही हैं। पर आज एक अजीब बेचैनी सी है। समझ नही आ रहा था … Read more

समझ बड़ी महंगी पड़ी।

समझ बड़ी महंगी पड़ी। (Understanding Proved Costly) बचपना करे शिकायत हमेशा से ही समझदारी से,मुझे समझ चाहिए, तेरी राह हूँ मैं ताकती हर पल हर घड़ी। जैसे ही समझ आयी, बचपने की आवाज आयी,बचपना ही ठीक था, ये समझ बड़ी महंगी पड़ी। वो खाली मन, न किसी की फिक्र,न किसी जिम्मेदारी का ज़िक्र। बेबाक सी … Read more

चाँद को बक्श दो।

चाँद को बक्श दो। (Please Spare The Moon) इस धरती का किया है नुकसान हमने हर पल, हर दिन। जिसकी भरपाई है अब शायद नामुमकिन। पेट भरा अन्न से, सर पर दी छत, शरीर को ढका कपड़े से। उसी धरती को हम बर्बाद कर रहे है, राकेट की गति से। पर्यावरण को तबाह किए जा … Read more

बेशरम भूख। (Shameless hunger)

बेशरम भूख। (Shameless Hunger) ये भूख भी बड़ी बेशरम है,जेब देखकर नहीं आती। इसे क्या पता, खर्चे पूरे करते करते,जेब मैं एक चवन्नी नहीं टिकती। गरीब इंसानों को ये ज्यादा है लगती। अमीरों के घर ये कुछ खास नहीं टिकती। पेट भर जात है इनका पैसों, ज़मीनों से ही। जितना भी मिले, इनकी भूख नहीं … Read more

A Beautiful Creation Of God – Dogs(Hindi Poem)

मालिक की सबसे सुंदर रचना । A beautiful creation of God – Dogs (Hindi Poem) मालिक ने क्या रचना रचायी,‘वफादारी’ को चार पैर लगाकर, शान से बोला,मैं राह तेरी यही हूँ तकता,तू दुनिया की सैर कर आ भाई,मालिक ने क्या रचना रचायी। नाम मेरा कुछ रख दो मालिक,कहने लगा चार पैरों वाला।सोच कर मालिक बोला,ईमानदारी … Read more

माँ आजकल चुप रहती है|(Mother Is Quiet Now A Days)

Mother Is Quiet Nowadays (Hindi Poem)बच्चे ने लिया जन्म , माँ की मिली उपाधि ,उसको पाल पोसकर बड़ा करने में ,माँ की ख्वाहिशें रह गई अधूरी और आधी | उनकी जरूरतें पूरा करने में वह खुद को गई भूल ,बिना चीजें हाजिर करने की हर जिद की कबूल | बच्चे हुए बड़े , लगे कमाने … Read more

Jaanwar Aur Insaan

जानवर और इंसान। (Animals And Humans) बचपन में दो जीवित प्राणियों का ज्ञान था, एक इंसान और दूसरा जानवर। इंसान सोच सकता है पर जानवर नहीं, लगता था सोच है मेरी यही सही। जैसे जैसे समझ आयी तब देखा, जानवर पेट भरने के लिए जिए, पर इंसान अपनी जीभ खुश करने के लिए।जानवर संतुष्ट हो, … Read more

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