मकर संक्रांति
Makar Sankranti (मकर संक्रांति) नन्हा पंछी बोला अपने माता पिता से,पहले अपने दाना खाने की ज़मीन ले ली। फिर ज़मीन के भाइयों को बेघर किया,अब इन जान लेवा मांजो से त्यौहार मना रहे है। अब बस माँ, बेरेहम जल्लाद बोहोत देख लिए।इंसानों से मिलने हम कब जा रहे है? सुना है इंसान बड़े समझदार होते … Read more