मकर संक्रांति

Makar Sankranti (मकर संक्रांति) नन्हा पंछी बोला अपने माता पिता से,पहले अपने दाना खाने की ज़मीन ले ली। फिर ज़मीन के भाइयों को बेघर किया,अब इन जान लेवा मांजो से त्यौहार मना रहे है। अब बस माँ, बेरेहम जल्लाद बोहोत देख लिए।इंसानों से मिलने हम कब जा रहे है? सुना है इंसान बड़े समझदार होते … Read more

किरायेदार।

किरायेदार। (The Tenants) बहुत कुछ है मुंबई में देखने के लिए। कहाँ कहाँ नज़र डाले? पर सबसे रोचक है इनमें किराए पर रहने वाले। हर अंतराल पर मिलेंगे,ये सपनें देखने वाले। कोई अपने छोटे से मकान में,तो कोई बड़े से टावर में। अपने जीवन को समायोजित करना,कोई इनसे सीखे। इन जैसे हालात से लड़ने वाले,मुझे … Read more

दिल ढूंढता है ।

दिल ढूंढता है । (The Heart Searches) दिल ढूंढ़ता है फिर वही, बचपन के दिन ! काश उन्हें लौटा दे मुझे, कोई अल्लादिन का जिन । जब सिर्फ भूख लगती थी, बेशुमार और बोहोत सारी !याद नहीं आता था किसी तरह का परहेज़ । ना रहती थी खुद को फिट रखने की ज़िम्मेदारी । खाओ-पीओ, खेलो, … Read more

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