दिवाली 2025

दिवाली 2025 (Diwali 2025) कल परसो बाजार में भीड़ देख बड़ी हैरत हुई।आस पास पूछा तो पता चला, दिवाली के दिनों की तो शुरुआत भी हो गयी। मेरा अचंभित मन कह उठा, ये कैसे मुमकिन हो सकता है? कल ही तो बारिश की बूंदें कपडे गीले कर गयी थी, सावन तो अब भी ज़ारी है। ए … Read more

दिल ढूंढता है ।

दिल ढूंढता है । (The Heart Searches) दिल ढूंढ़ता है फिर वही, बचपन के दिन ! काश उन्हें लौटा दे मुझे, कोई अल्लादिन का जिन । जब सिर्फ भूख लगती थी, बेशुमार और बोहोत सारी !याद नहीं आता था किसी तरह का परहेज़ । ना रहती थी खुद को फिट रखने की ज़िम्मेदारी । खाओ-पीओ, खेलो, … Read more

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