प्रिय बारिश

प्रिया बारिश (Dear Rain)

प्रिय बारिश, तुझसे मेरी कुछ ख़ास तो नहीं बनती,
पर आज ऐसा लगा के काश छाते की ज़रूरत पड़ी होती!

यूँ तो जून के आखिर तक तू आ जाता है!
ना जाने क्यों यह इंतज़ार एक सदी जैसा लग रहा है!

नहीं पता इस नादान दिल को तू क्यों इतना इंतजार करवा रहा है!
ये तो बस कागज़ की एक नाँव बहते पानी में छोड़ना चाहता है!


माना की आजकल ये करने का समय किसी के पास होता नहीं!
पर हर किसी के अंदर का बच्चा बड़ा हो गया है, ये ज़रूरी तो नहीं!

आज भी चंद लोग चाहते है के तेरे पानी की अनछुयी ठंडी फुहारों में भीगें,
फिर भीगे बाल माँ से पोंछने को कहे!

हर कोई तेरे पानी में सिर्फ रील बनाना नहीं चाहता।
कहीं कोई किसान तेरी एक बूँद के लिए है दिन रात तरसता।

मेहनत से सींची फसल को है एक टुक निहारता,
किस्मत के साथ क्या तू भी हमसे रूठा है? यह सवाल है पूछता!

पशु पक्षी भी आसमान देखते देखते सो जाते है,
इस सवाल के साथ,के ये तो बता, हमारा क्या गुनाह है?

सबकी आँखें पथरा सी गयी है तेरा इंतज़ार करते करते!
अब तो डर लग रहा है जून की हर एक तारीख़ को गिनते!

जून ख़त्म होने से पहले आ जाना,
बारिश के गाने सुनने का फिर से मिले हसीन बहाना!

क्या नाराज़ है तू हमसे?
होना लाज़मी भी है कसम से!

तुझे कितना ज़ाया करते है हम इंसान,
बचाने के नारे तभी लगाते है जब तेरे ना आने से होते है परेशान!

जो देखो पानी बचाओ के विज्ञापन कर रहा है,
नल कल खुला छोड़ा था, पछता आज रहा है!

इसे हम इन्सानों के कर्मों का फल कह ले,
या वैज्ञानिकों के अति जिज्ञासा का असर।

अरे याद आया, कल जो चाँद और मंगल पर जाने को थे उत्सुक और विकल,
आज कहीं दिख नहीं रहे, सब कुशल मंगल?

उनसे कहो की अपने आधुनिक मशीनों से बारिश को भी ले आये,
ए आई शायद ये भी कर जाए!

सौ बात की एक बात, किया किसी ने भर कोई और रहा है,
क्या कोई अमीर भी तेरे ना आने से डर रहा है?

और किसी के लिए नहीं तो उन पेड़ पौधों के लिए ही आ,
बेजुबां भी हो गए हैं अब परेशाँ!

एक तो इन्हे कोई चैन से जीने नहीं देता,
क्या तुझे भी इनसे कोई हिसाब करना है चुकता?

हमेशा से गेहू के साथ घुन भी है पिस रहा,
इंसानों की गलती की सज़ा अब बेजुबां भी है भुगत रहा!

अंत में बस इतना हीं कहूँगी,
के छाते और रेनकोट भी तेरी राह देख रहे है!
तेरे इंतज़ार में शायर बन गए है!

जून को बारिश का महीना ही रहने देना।
प्रकृति माँ, हम इन्सानों की गलती की सज़ा किसी भी बेजुबां को कृपया मत देना!


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